जीवनोपयोगी चार बातें

  चार बातों को याद रखो 


➡  ब्रह्मनिष्ठ महापुरुषों  व ज्ञानवृद्ध बड़े-बुजुर्गों का आदर करना ।

➡  छोटों की रक्षा करना और उन पर स्नेह करना ।

➡  सत्संगी बुद्धिमानों से सलाह लेना और

➡  मूर्खों के साथ नहीं उलझना ।

नम्रता के तीन लक्षण

 १] कडवी बात का मीठा जवाब देना ।

 २] क्रोध के अवसर पर भी चुप्पी साधना और

 ३] किसीको दंड देना ही पड़े तो उस समय चित्त को कोमल रखना ।

 छोटे-बड़े नुकसान से बचने के लिए 

धर्म-ग्रंथों में ऐसी कई बातें बताई गई हैं,जिनका ध्यान हर किसी को रखना बहुत ही जरुरी होता है। ग्रंथों में तीन ऐसी परिस्थितियां बताई गई हैं,जिनमें मनुष्य को बहुत ही सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए। इन परिस्थितियों में बिना सोचे-समझे लिए गए फैसले आपके लिए कई तरह के नुकसानों का कारण बन सकते हैं।

 बचे रहना चाहते हैं हर छोटे-बड़े नुकसान से तो ध्यान रखें ग्रंथों में बताई ये 3 बातें

1⃣ बिना सोचे-समझे खर्च करना

कई लोगों को पैसों का मूल्य नहीं पता होता। वे मुनाफा या सैलेरी आते ही उसे खर्च करने के बारे में सोचने लगते हैं । पैसा खर्च करने से पहले अपने वर्तमान के साथ-साथ भविष्य के बारे में भी सोचना बहुत ही जरुरी होता है। जो मनुष्य बिना आगे-पीछे की सोचे पैसों को हर जगह खर्च करता रहता है, उसे आगे चलकर कई परेशानियों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता ही है।

2⃣ हर काम में जल्दी दिखाना

ग्रंथों में धैर्य रखने की बात कही जाती है। जिस मनुष्य के अंदर धैर्य और शांति की कमी रहती है, वे हर काम में जल्दबाजी करते हैं । ऐसे में कई बार काम बिगड़ जाते हैं। किसी भी काम को करने के पहले उसके बारे में अच्छी तरह से विचार करना बहुत ही जरुरी होता है। जो मनुष्य बिना विचार किए हर काम में जल्दी दिखाता है, उसे कई तरह के नुकसानों का सामना करना पड़ता है।

3⃣ हर बात पर झगड़ा करना

 कई लोग गर्म मिजाज के होते हैं। छोटी-छोटी सी बातों पर भड़क जाते हैं और लड़ने-झगड़ने  लगते हैं । छोटी-छोटी सी बातों पर गुस्सा होना या दूसरों से लड़ने लगना मनुष्य की सबसे बुरी आदतों में से एक मानी जाती है। जो मनुष्य इस तरह के स्वभाव का होता है, उसे अपनी आदत की वजह से कई बार सभी के सामने शर्मिदा होना पड़ता है। ऐसे स्वभाव की वजह से वे भविष्य में मिलने वाले कई अवसरों को भी खो देते हैं।


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